सुभाषित
वाणी रसवती यस्य यस्य श्रमवती क्रिया । लक्ष्मीर्दानवती यस्य सफलं तस्य जीवितम् ॥ भावार्थ- जिसकी वाणी रसपूर्ण हो, कर्म-क्रिया श्रमवान […]
✍एक चाट वाला था। जब भी चाट खाने जाओ ऐसा लगता कि वह हमारा ही रास्ता देख रहा हो। हर
तप्त ह्दय सरस स्नेह से जो सहला दे मित्र वही है रूखे मन को सरोबार कर जो नहला दे मित्र
image credit: https://pixabay.com/p-789612/ ✍*ACCEPT* Accept others for who they are and for the choices they have
एक बनिए से लक्ष्मी जी रूठ गई। जाते वक्त बोली मैं जा रही हूँ और मेरी जगह टोटा (नुकसान )
🍃🍂🍃🍂🍁🎭🍁🍂🍃 जो लोग आपके पद प्रतिष्ठा और पैसे से जुड़े हे, वो लोग आपके ‘साथ’ खड़े रहेंगे,
🌀A ✍*ACCEPT* Accept others for who they are and for the choices they have made
शब्द-शब्द में ब्रह्म हो शब्द-शब्द में सार, शब्द सदा एैसे कहो जिनसे उपजे प्यार..!! Published on Famous Motivational Tales To
*What Is Poison ? ? ?* He Replied With A Beautiful Answer – *AnyThing Which Is More Than Our Necessity